आज हमारा देश विभिन्न सामाजिक समस्याओं से जूझ रहा है जिसमें बाल श्रम एक प्रमुख एवं संवेदनशील समस्या है। वर्तमान में बाल श्रम की समस्या देश के विकास में रोड़ा बन रही है। भारतीय संविधान में हमेशा से ही बाल श्रम समाप्त करने तथा बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिये आवश्यक उपाय किए जाते रहे हैं लेकिन वे सब अपर्याप्त ही रहे। आज बाल श्रम कानून को बने हुए 23 साल हो जाने के बावजूद हमारे देश में सर्वाधिक बाल मजदूर हैं। भारतीय सरकार के अनुसार देश में लगभग 12 लाख 60 हजार बाल मजदूर हैं। परंतु एक निजी संस्था के सर्वेक्षण के अनुसार अकेली दिल्ली में ही 70 लाख के करीब बाल मजदूर हैं।एक अनुमान के अनुसार देश में प्रतिवर्ष 420000 बच्चे आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात रायों में बाल श्रमिक के तौर पर कार्य करने के लिये मजबूर होते हैं। देश में सबसे दयनीय स्थिति तो बालिका मजदूरों की है क्योंकि लड़कियों को कर्मचारियों के रूप में न देखकर केवल सहायक के रूप में देखा जाता है जिसके कारण बाल श्रम कानून भी इनकी रक्षा नहीं कर पाता। बाल श्रम का सबसे वीभत्स रूप वैश्यावृति और बंधुआ मजदूरी है। आईएलओ के अनुमान के अनुसार भारत में लगभग 350000 बाल वैश्याएं हैं।
बाल श्रम का मूल कारण गरीबी है। गरीबी के अलावा प्रभावी शिक्षा व्यवस्था का अभाव, मां बाप की संकीर्ण मानसिकता एवं जागरूकता की कमी भी बाल श्रम को बढ़ावा देते हैं। मां बाप अपने बच्चे को औपचारिक शिक्षा दिलाने के बजाए कम उम्र में कार्य कौशल सिखाना यादा लाभप्रद समझते हैं। जिससे वो अपने परिवार की मदद कर सके। देश में सामाजिक कल्याण व्यवस्था का अभाव और आय के वैकल्पिक स्त्रोतों की कमी के कारण भी मां बाप अपने बच्चे से मजदूरी करवाने के लिये मजबूर हैं।
वर्तमान में सरकार और विभिन्न गैर सरकारी संस्थाएं बाल श्रम को समाप्त करने का प्रयास कर रही हैं। परंतु जहन में एक सवाल यह उठता है कि यदि बाल श्रम पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया जाए तो इन गरीब बच्चों के परिवारों का क्या होगा, क्या बच्चों की अतिरिक्त आय के बिना इनके परिवार जीवित रह पायेंगे? आईएलओ ने एक अध्ययन में पाया के परिवार की कुल आमदनी में बच्चों की आमदनी का हिस्सा 34 से 37 प्रतिशत के मध्य होता है। आईएलओ सांख्यिकी ब्यूरो के मुताबिक बच्चे का मजदूरी अथवा घरेलू उद्यमों के रूप में काम करना परिवार का आर्थिक स्तर को बनाए रखने के लिये आवश्यक है।
अत: सरकार को बाल श्रम समाप्त करने से पहले गरीबों की जरुरतों को पूरा करना पड़ेगा क्योंकि कोई भी सरकार बिना गरीबी को समाप्त करे बाल श्रम को पूर्ण रूप से समाप्त नहीं कर सकती।

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जवाब देंहटाएंThanx sir.Keep encouraging me by your valuable comments.
जवाब देंहटाएंWell written. Keep writing such touching posts. we have to take some serious steps for eliminating child labour.
जवाब देंहटाएंThanx ankur. I'll try my best to writing such articles. I agree with you that we have to take serious steps.
जवाब देंहटाएंNice article.... n amazing hindi... my mom retired a Reader in Hindi, Rajasthan univ, jpr. She sure wud b glad to read this :). Keep at it.
जवाब देंहटाएंnice article
जवाब देंहटाएंsir,
जवाब देंहटाएंI am Madhukar Sarwade.I work slum and rural areas educational cause.I wish to work child labour cause. so I like very mauch your article.
THANK YOU
DNYANDAYINI EDUCATIONAL& SOCIAL ORG.
MADHUKAR SARWADE
9421961015
nice.... heart touching article
जवाब देंहटाएंgood
जवाब देंहटाएंprasun latant